वाराणसी। पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने आए युवक को पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपित युवक की पहचान मधुबनी (बिहार) के लौकही थानांतर्गत थरूआही ग्राम निवासी सिकेंद्र कुमार ठाकुर के रूप में की। उसके खिलाफ रोहनिया थाने में धोखाधड़ी व कूट रचना का मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि लालच में आकर वह अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने आया था। अभ्यर्थी व आरोपित के नेटवर्क में शामिल लोगों के बारे में छानबीन कराई जा रही है।उत्तरप्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड द्वारा उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी की 12 नवंबर से दो दिसंबर तक तीन चरणों में आनलाइन सीधी भर्ती परीक्षा कराई जा रही है। इस क्रम में बुधवार को नंदनी इंस्टीट्यूट आफ कम्प्यूटर टेक्नोलाजी गोविंदपुर स्थित केंद्र में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक प्रथम पाली में अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थी बृजेश प्रसाद निवासी ग्राम धरहनिया थाना वनकटा जिला देवरिया के स्थान पर आरोपित दारोगा पद की परीक्षा देने आया था। प्रवेश पत्र की जांच करते समय उस पर लगे फोटो व आरोपित के चेहरे में अंतर मिला। मामला संदिग्ध होने पर परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल स्टाक एक्सचेंज इनफार्मेशन टेक्नोलाजी के प्रभारी अधिकारी निरीक्षक रमेश यादव तथा पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पूछताछ की।पूछताछ में आरोपित ने अपनी पहचान उजागर की और बताया कि वह पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। दिल्ली में उसकी पहचान बृजेश से हुई थी। दोनों में बातचीत दोस्ती में बदल गई। बृजेश ने परीक्षा के बारे में जानकारी दी तो वह उसकी जगह उसमें शामिल होने को राजी हो गया। बृजेश से उसने कहा कि आने जाने का खर्च 10 हजार रुपये चाहिए। जब वह परीक्षा पास कर लेगा तो उसे मुंहमांगी कीमत देनी होगी। इसी लालच में आकर बृजेश के स्थान पर परीक्षा देने आया था, लेकिन पकड़ लिया गया। पुलिस अभ्यर्थी की तलाश में जुट गई है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में अजय कुमार यादव, उप निरीक्षक रमेश प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल बेदूराम शामिल थे।
