कूड़ा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, गीला एवं सूखे कचरे को अलग करने, सीवेज ट्रीटमेंट, प्रदूषण एवं शुद्ध जलापूर्ति तथा गंदे पानी के निस्तारण संबंधी विषयों पर चर्चा हुई।
लखनऊ खबर दृष्टिकोण। स्वच्छ भारत मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा राजधानी में शुक्रवार को एक दिवसीय ’स्ट्रेटेजिक वर्कशॉप एवं प्रदर्शनी’ का गोमतीनगर विस्तार स्थित नगरीय निकाय निदेशालय में आयोजन किया गया। इसमें, प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर एवं लोगों के जीवन के अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर मंथन एवं चर्चा की गई। खास तौर से कूड़ा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, गीला एवं सूखे कचरे को अलग करने, सीवेज ट्रीटमेंट, प्रदूषण एवं शुद्ध जलापूर्ति तथा गंदे पानी के निस्तारण संबंधी विषयों पर चर्चा हुई।
प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शाम के समय स्वच्छ मिशन 2.0 की वर्कशॉप में प्रतिभाग कर प्रदेश के शहरों को स्वच्छ सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आज की चर्चा में भाग लेने वाले अतिथियों का आभार व्यक्त किया और उन्होंने आवाह्न किया कि सभी नगरीय निकायों के प्रयासों एवं जनभागीदारी से आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर होगा। उन्होंने कहा कि इंदौर की राह पर चलकर उत्तर प्रदेश को नम्बर एक बनाना है। तभी सार्थक होगा कि मुस्कराइए कि आप यूपी में हैं। उन्होंने नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर जाने का आवाहन किया और कहा कि दुनिया के पांचवें हिस्से की आबादी के जीवन स्तर को भी ऊंचा उठाना है। इसका प्रयास करें। इस दौरान नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि इस कार्यशाला के बेहतर परिणाम आने वाले दिनों में प्रदेश के शहरों और कस्बों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि शहरीकरण की अपनी समस्याएं हैं। लेकिन सूझ बूझ एवं कुशलता के साथ इन समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। हमारी प्राचीन व्यवस्था एवं संस्कृति में समाज को पूर्ण व्यवस्थित तरीके से आगे ले जाने का सामर्थ था। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2023 से सभी निकायों को एक नई व्यवस्था के साथ प्रदेश को आगे ले जाने के लिए कार्ययोजना पर काम करना होगा। मुख्य सचिव ने अपने सम्बोधन में स्वच्छता के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘देश में जब अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की गई थी, उस समय माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि यह मैं कोई सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत नहीं कर रहा हूं। मैं आज स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर रहा हूं। इसमें जब जनसहभागिता मिलने लगेगी तब यह अभियान सफल होगा.’ मुख्य सचिव ने कहा, इस कार्यक्रम की चौथी वर्षगांठ के समय आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि इसमें एक नहीं 100 गांधी हो जाएं। एक नहीं 1000 मोदी हो जाएं तब भी यह कार्यक्रम सफल नहीं हो सकेगा। यह कार्यक्रम तभी सफल हो सकेगा, जब इसमें आमजन का साथ मिलने लगेगा।’ उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि जैसे दाढ़ी रोज बनाने की आदत होती है वैसे ही सफाई और स्वच्छता के लिये लोगों को जागरूक करना होगा। एक दिवसीय ’स्ट्रेटेजिक वर्कशॉप की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ की गई। राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) उत्तर प्रदेश नेहा शर्मा ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार दुर्गा शंकर मिश्रा, एसबीएम-यू की राष्ट्रीय मिशन निदेशक रूपा मिश्रा, आयुक्त नगर निगम इंदौर प्रतिभा पाल को महिलाओं स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित जैकेट और ओडीओपी का उपहार देकर स्वागत किया।
घर से कूड़ा संकलन की रणनीति से हुई इंदौर को स्वच्छ बनाने की शुरुआत
आयुक्त, नगर निगम इंदौर प्रतिभा पाल ने ’स्ट्रेटेजिक वर्कशॉप’ में अपने प्रस्तुतिकरण में इंदौर शहर के स्वच्छता की दिशा में शीर्ष पर बने रहने के लिये उठाये गए कदमों के बारे में चर्चा की। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि सबसे पहले इंदौर में वार्डवार घर से कूड़ा संकलित करने की रणनीति बनाई गई। कई स्वयं सेवी संस्थाओं से लेकर स्थानीय पार्षदों का सहयोग लिया गया। कूड़ा की गाड़ियों की आवाजाही समय पर सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे स्थानीय लोगों में भी संतुष्टि का भाव मजबूत हुआ।इस दौरान बताया कि इंदौर में छह तरीके से कूड़े का संकलन किया जा रहा है। इसमें, सूखा, गीला, प्लास्टिक, सेनेटरी, डोमेस्टिक हैजार्डस और ई-वेस्ट मैटेरियल शामिल हैं। इसी के हिसाब से हर गाड़ी को डिजाइन किया गया है। कचरे के प्रकार के अनुसार ही उसका निस्तारण करने के लिए स्वयं सेवी संस्छा आदि की मदद से लोगों को जागरूक किया गया। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी जागरूक किया गया।
